राजस्थान का युवा किसान मोती की खेती से कमाता है लाख ₹ प्रति माह

33 वर्षीय रिपुदमन सिंह राजस्थान के चूरू जिले में जैतसर गाँव के युवा किसान हैं । वैसे तो वो फार्मा ग्रेजुएट हैं पर खेती में उनकी दिलचस्पी शुरू से ही थी । दशकों से खेती उनके परिवार की आय का मुख्य स्त्रोत रहा है, वो बात अलग है की उनके पिता जी सरकारी विभाग सेवानिवृत्त हैं । किन्तु उनके बड़े भाई अर्थशास्त्र में स्नातक होने बावजूद खेती से जुड़े हैं । यही कारण है की खेती में रिपुदमन की दिलचस्पी शुरू से थी ।और यही दिलचस्पी एक दिन जूनून में परिवर्तित हो गयी । वो अक्सर खेती में कुछ नया कैसे करें इस पर अनुसंधान करते रहते थे । वो पारम्परिक खेती से अलग हट कर कुछ नया करना चाहते थे । और इसी खोज और जूनून ने उनको मोती की खेती से रूबरू कराया ।

भारत हर साल करीब एक से तीन अरब डॉलर के मोती आयात करता है। ये बताता है की भारतीय बाज़ारों में मोती की कितनी खपत है । इसी को देखते हुए उन्होंने मोती की खेती करने का सोचा । सोशल मीडिया, यूट्यूब के माध्यम से उन्होंने इसके विषय में सभी प्रकार की जानकारी एकत्रित की,और फिर उन्होंने इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया। और लगभग तीन वर्ष पूर्व उन्होंने मोती की खेती प्रारम्भ की ।

वो बताते हैं की शुरू में उनको काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा क्यूंकि वो उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त थे, तो गाँव में सभी उनका मजाक उड़ाने लगे । लोग कहते की इतना पढ़ने के बाद वो रेगिस्तान में मोती उगाने आया है । पर परिवार से उनको पूरा सहयोग प्राप्त हुआ । ये उनका दृढ़ निश्चय ही है जिसकी वजह से आज वो एक लाख रुपये से अभी अधिक प्रति माह कमा रहे हैं । आज वो कई नौजवान किसानों को मोती की खेती का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं । इसी श्रृंखला में हमने उनसे कुछ प्रश्न पूछे जिसका उत्तर उन्होंने बड़ी सहजता से दिया । हमने प्रयास किया है की हम आपको मोती की खेती के विषय में पूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकें । हम प्रश्न उत्तर की श्रृंखला को क्रमबद्ध तरीके से आपके सामने रख रहे हैं । पहला प्रश्न जो हमने उनसे पुछा –

1) क्या मोती की खेती के लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता है ?

उत्तर – उनका कहना है की मोती की खेती करने के लिए किसी भी तरह की विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है । इसे कोई भी व्यापार के रूप में प्रारम्भ कर सकता है । इसके लिए किसान को प्रशिक्षण लेना होता है जो वो किसी भी मान्यता प्राप्त संसथान से ले सकता है या फिर ऐसे कई किसान हैं जो मोती की खेती में पारंगत हो चुके हैं, वो भी इसका प्रशिक्षण देते हैं । ये प्रशिक्षण मात्र दो से तीन दिन का ही होता है, और इसकी फीस करीब 8000/-रु है। CIFA भुवनेश्वर एक प्रतिष्ठित संस्थान है जो मोती की खेती का प्रशिक्षण देता है। मोती की खेती बहुत कम निवेश से शुरू हो जाती है और इसमें कोई ख़ास श्रमशक्ति की भी आवश्यकता नहीं है ।

2) मोती की माँग और बाजार भारत में कैसी है ?

उत्तर – “भारत में घरेलू बाज़ार की कोई कमी नहीं है । और अगर मोती की गुणवत्ता उच्च कोटि की हो तो उसको निर्यात भी किया जा सकता है । यहां तक सीपियों को खेती भी एक अच्छा व्यवसाय है क्यूंकि हर मोती की खेती करने वाले किसान को उसके लिए सीपियों की आवश्यकता होती है।” वो आगे बताते हैं , “भारत में दो तरह के मोती की खेती होती है । पहला है परम्परागत गोल मोती और दूसरा है डिज़ाइनर मोती । डिज़ाइनर मोती एक बिलकुल ही नए तरह का मोती है, जिसकी मांग बहुत तेज़ी से बड़ती जा रही है । डिज़ाइनर मोती किसी भी आकार में बनाया जा सकता है । जैसे भगवान् गणेश, भगवान् शिव, इस्लामिक धार्मिक चिन्हों के आकार में और भी जो डिज़ाइन बनाना चाहें बनाएं जा सकते हैं । वैसे मोती की कीमत उसकी गुणवत्ता पर निर्भर करती है । डिज़ाइनर मोती करीब 250-४०० तक में आराम से बिक जाता है । और यही लगभग कीमत गोल मोती की होती है । वैसे अगर मोती की गुणवत्ता और अच्छी हो तो वो और अच्छी कीमत दे देते हैं ।”

3) उनसे अगला सवाल पुछा गया की, कैसे होती है मोती की खेती ?

उत्तर- इसका उत्तर देते हुए वो कहते हैं ,सबसे पहले एक तालाब खोदा जाता है, वैसे आज कल बड़े बड़े टैंक भी बनाये जाते हैं। 1000 सीपियों के लिए 20×15×6 का तालाब काफी होता है । पहले सीपियों को नए वातावरण के हिसाब से ढलने दिया जाता है, जिसमें कई बार कई सीपियाँ मर भी जाती है । करीब एक हफ्ते बाद उनके अंदर सर्जरी के द्वारा न्यूक्लीयस को स्थापित किया जाता है । गोल मोती और डिज़ाइनर मोती की सर्जरी का तरीका अलग होता है । सर्जरी के बाद सीपियों को जालीदार थैलों में डाल कर तालाब में वापस डाल दिया जाता है । गोल मोती को तैयार होने में करीब 24 महीने कर वक्त लगता है वहीँ दूसरी और डिज़ाइनर मोती को तैयार होने में 10-12 महीनों का वक्त लगता है । इन सीपियों को तालाब में डालने के बाद विशेष ख्याल रखा जा सकता है । समय समय पर इनकी जाँच की जाती है और जो सीपियाँ मर जाती है उनको तालाब से निकाल दिया जाता है । सीपियों के भोजन का भी ख्याल रखा जाता है । मोतियों की गुणवत्ता काफी हद तक सीपियों की खुराक पर निर्भर करती है ।

4) मोती की खेती में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ?

उत्तर –
1) सबसे पहले आप इसका प्रशिक्षण किसी अच्छे किसान या संसथान से लें । बिना सही प्रशिक्षण के आपको इसमें नुकसान भी उठाना पद सकता है । आप प्रशिक्षण के द्वारा मोती की खेती तो सीख सकते हैं पर उसकी बारीकियां आपको तब ही समझ आएंगी जब आप स्वयं उसको करेंगे । जितना आप अभ्यास करेंगे उतनी आपकी कुशलता बढ़ती जाएगी ।

2) जिस जगह आप मोती की खेती करें वो जगह सुरक्षित होनी चाहिए । बाढ़ ,चोरी या पशुओं से उस जगह को पूर्णतः सुरक्षित रखा जाए । और उस जगह पर आसानी से सीपियों की आपूर्ति की जा सके ।
3) मोती की खेती के व्यवसाय को चुनने से पहले उसके व्यापार की पूरी रणनीति बना लें । सीपियों को लाने से लेकर मोती को बेचने तक की सारी योजना पहले ही बना लें ।

5) एक लाख रुपये प्रति माह की आय प्राप्त करने के लिए कम से कम कितना निवेश करने की आवश्यकता है ?

उत्तर –
हम यहाँ पर 5000 सीपियों की खेती की गड़ना करेंगे और जानेंगे की उससे कितनी आय ली जा सकती है ।

5000 सीपियों के लिए आपको करीब आधे से एक बीघे के करीब जमीन की आवश्यकता होगी । इसके लिए जो तालाब खोदना होगा उसका खर्च है = 50000रु ( सिर्फ एक बार ही निवेश करना होगा )
5000 सीपियाँ = 50000रु
5000 सीपियों के लिए रस्सी और जाल = 17500रु ( सिर्फ एक बार निवेश करना होगा )
मोती की खेती के लिए सर्जरी का सामान = 1000 रु
5000 सीपियों के लिए नुक्लेउस अगर आप खरीदते हैं तो = 50000 रु ( डिज़ाइनर मोती के लिए एक सीपी में दो नुक्लेउस डाले जाते हैं )
और अगर आप खुद नुक्लेउस बनाते हैं तो = 10000 रु
डाई की कीमत 25 पीस x 250 = 6250 (सिर्फ एक बार निवेश करना होगा )
अगर आप मोती की कटाई बाहर से करवाते हैं तो उसका खर्च = 5000 रु
अन्य खर्चे = 5000 रु
पूरे प्रोजेक्ट का खर्च = 2,04,750 रु

अगर हम ये मानें की अंत में केवल 60% सीपियाँ ही बची तो कितनी आय होगी (हम मृत्यु दर की सिमा अधिकतम लेकर चल रहे हैं )
बची हुई सीपियों की संख्या = 3000
3000 सीपियों से प्राप्त मोती की संख्या करीब = 5000
अगर हम ये मान कर चलें की एक मोती औसतन 250 रु में बिका तो = 5000x 250
= 12,50,000
शुद्ध आय = 12,50,000 – 2,04,750 = 10,45,250 रु

तो हम देख सकते हैं की सही तरीके से अगर मोती की खेती करें तो बड़े आराम से 1 लाख से अधिक प्रति माह कमाया जा सकता है क्यूंकि अधिकतर निवेश सिर्फ एक ही बार करना है ।

रिपुदमन जी एक बड़ी महत्वपूर्ण बात अंत में कहते हैं की, “मोती की खेती की बुनियादी प्रशिक्षण तो आप प्राप्त कर लेते हैं किन्तु उसकी बारीकी आपको तभी पता लगती है जब आप उसको खुद से करते हैं । अभ्यास के द्वारा ही आप इसमें निपूर्णता प्राप्त कर सकते हैं”।

आज उनको पूरा गाँव सम्मान की दृष्टि से देखता है । और वो भी औरों को इसका प्रशिक्षण देने के साथ साथ अपने कार्य को और आगे बड़ा रहे हैं ।

मोती की खेती से सम्बंधित और जानकारी, प्रशिक्षण या मोती खरीदने के लिए आप रिपुदमन जी से सीधे संपर्क कर सकते हैं । मोतियों के विषय में, ख़ास तौर पर डिज़ाइनर मोती के विषय में और अधिक जानकारी के लिए आप www.designer-pearls.com पर भी प्राप्त कर सकते हैं।
फ़ोन नंबर – 9799230100

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